Jamshedpur (Nagendra) राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और प्रतिस्पर्धा के बीच कभी-कभी मानवीय संवेदना की छोटी-सी पहल भी बड़ी मिसाल बन जाती है। स्वर्णरेखा नदी के गांधी घाट के नीचे दो बच्चियों के डूबने की घटना के दौरान पूर्व भाजपा नेता विकास सिंह की तत्परता इसी मानवीय पहल को सामने लाती है। विकास सिंह ने बताया कि उनके मित्र संतोष ठाकुर ने फोन कर सूचना दी कि जितियां पर्व के अवसर पर मां के साथ नदी में स्नान करने गई उनकी दो बेटियां गहरे पानी में डूब गई हैं। सूचना मिलते ही विकास सिंह बिना देर किए जिस स्थिति में थे, उसी हालत में घटनास्थल पहुंच गए। उन्होंने एक बच्ची को बचाने का प्रयास किया और पूरे मामले की जानकारी पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को देते हुए तत्काल सहायता तथा रेस्क्यू अभियान चलाने की गुहार लगाई।
इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जनजीवन से जुड़े संकट के समय संवेदनशीलता और तत्परता ही सबसे अधिक मायने रखती है। राजनीति में विचारधाराओं और मतभेदों की अपनी जगह है, लेकिन संकट की घड़ी में किसी पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना ही इंसानियत की असली पहचान है। विकास सिंह की इस पहल को इसी मानवीय दृष्टिकोण से देखा जा रहा है, जहां राजनीतिक पहचान से ऊपर उठकर एक मित्र के दुख में साथ देने और मदद के लिए आगे आने का प्रयास दिखाई देता है। संतोष ठाकुर की दो बेटियां एक साथ ही नदी में डूब गई जिसमें एक बेटी को किसी तरह नदी से बाहर निकाल लिया गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं दुसरी बेटी काफी गहरे पानी में जाने से डूब गई । गोताखोर के माध्यम से उसके शव को बाहर निकाला गया। पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है जिसकी भरपाई नही किया जा सकता।

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