गुवा। टोंटो थाना अन्तर्गत बुंडु गांव के बियूबेड़ा टोला स्थित अपने ससुराल घर से अगरवां निवासी बामिया सुरीन द्वारा अन्य ग्रामीणों के सहयोग से अपनी पत्नी का शव उठा अगरवां ले जाने की बात सामने आ रही है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि 25 फरवरी की अहले सुबह लगभग तीन बजे घोर नक्सल प्रभावित अगरवां गांव निवासी बामिया सुरीन द्वारा मामूली विवाद में अपनी पत्नी की पिटाई कर व पत्थरों के प्रहार से हत्या कर दी गई थी। जानकारी के अनुसार बुंडु गांव का बियूबेड़ा टोला में मागे पर्व 24 फरवरी को आयोजित था।
इसी पर्व में शामिल होने बामिया सुरीन अपनी पत्नी के साथ अपने ससुराल बियूबेड़ा स्थित साला कुंकल कोड़ा के घर आया था। मागे पर्व देर रात तक मनाने के बाद नशे की हालत में बामिया अपनी पत्नी को लेकर पैदल पास के अगरवां गांव जाने लगा। इसी बीच रास्ते में पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद बढ़ा इसके बाद वह पत्नी की हत्या कर घटनास्थल पर हीं उसे छोड़ कर भाग गया। 25 फरवरी की सुबह जब बामिया का साला कुंकल कोड़ा को पता चला की उसकी बहन घायल व बेहोशी की अवस्था में रास्ता में पड़ी है तो वह अपनी पत्नी व अन्य के सहयोग से बहन को उठा अपने घर लेकर आ गया, लेकिन 26 फरवरी की सुबह पुनः बामिया सुरीन अपनी पत्नी का शव ससुराल से उठाकर अगरवां ले गया। पुलिस को बिना सूचना के अंतिम संस्कार किये जाने की संभावना जताई जा रही है। टोंटो थाना पुलिस अभी तक घटनास्थल पर नहीं पहुंची है।
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