गुवा। बड़ाजामदा स्थित श्रम मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय चिकित्सालय बड़ाजामदा की स्थिति काफी दयनीय स्थिति में है। आए दिन समाचार पत्रों के द्वारा जानकारी मिल रही थी कि यहां इस अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। भवन पूरी तरह से जर्जर है। दवाइयां उपलब्ध नहीं है। इसी सिलसिले में इसकी स्थिति से अवगत होने के लिए केंद्रीय चिकित्सालय बड़ाजामदा का निरीक्षण किया गया, ताकि डीएमएफटी फंड के द्वारा इस अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति की जा सके, परंतु निरीक्षण करने के दौरान तथा अस्पताल के सीएमओ डॉक्टर विनोद कुमार से जानकारी मिली की क्या अस्पताल श्रम मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित है। इस अस्पताल का ईएसआईसी में मर्ज होने जा रही है। और ईएसआईसी के द्वारा कुछ दिन पूर्व निरीक्षण कर लिया गया है। और ईएसआईसी में मर्ज होने के बाद अस्पताल का सुधार होगा। और यहां के ग्रामीण अपना इलाज करा सकेंगे।
सेल अस्पताल बड़ाजामदा के रखरखाव एवं इसे सुचारू रूप से चलाने पर चर्चा की गई। प्रभावित क्षेत्र के बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराई जाए। आदि समस्याओं पर मंथन किया गया। इस संबंध में उपायुक्त अन्य मित्तल ने अश्वत करते कहा कि बहुत ही जल्द इन समस्याओं का निराकरण की जाएगी। इस दौरान इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, नोवामुंडी भाग एक जिला परिषद सदस्य सुश्री देवकी कुमारी, जगन्नाथपुर एसडीओ शंकर एक्का, किरीबुरू एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर, नोवामुंडी अंचल अधिकारी सुनील चंद्रा, प्रखंड विकास पदाधिकारी अनुज बांदो, नोवामुंडी थाना प्रभारी अंकिता सिंह, बड़ाजामदा ओपी प्रभारी वासुदेव टोप्पो, केंद्रीय अस्पताल के सीएमओ डॉ विनोद कुमार सहित अन्य मौजूद थे।



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