पटमदा। सरकार के द्वारा आम जनता को चापाकलों में सोलर संचालित मोटर लगाकर टंकी से भरकर नल के सहारे पानी उपलब्ध करवाने के लिए एक योजना चलाया गया।अभी पंचायतों में प्रत्येक चापाकलों में लाखो की राशि भी लगाई गई।कुछ राशि का बंदर बाट भी किया है।आम जनता को कुछ समय तक बेहतर सुविधा के भी उपलब्ध हुआ।लेकिन समस्या समाधान लंबे समय तक नहीं हो सकी।बोड़ाम के भुला पुराना स्कूल भवन के पास सालो भर से जल मीनार खराब पड़ा हुआ है।वही पटमदा के डांगा के पास सड़क किनारे जल मीनार बेकार हो गया।इस तरह की दर्जनों गांवों में ये समस्या आ रही हैं।लेकिन पटमदा और बोड़ाम प्रखंड प्रशासन द्वारा इस समस्या का समाधान नहीं निकला जा रहा हैं।निर्माण के समय संवेदक द्वारा कार्य करवाने के दौरान सभी को अपना अपना प्रसेंटेज दिया गया।इसके सफल संचालन को लेकर कोई भी गंभीर नहीं हैं।आम जनता जल समस्या समाधान के लिए शिकायत करती हैं।लेकिन किसी भी प्रकार से समस्या समाधान करने पर ध्यान नहीं दिया जाता हैं।बोड़ाम के मुकरुडीह पंचायत के आखड़ा पाड़ा में के जलमीनार के भरोसे 40 से 50 परिवार निर्भर है।लेकिन वहा एक जलमीनार होने के कारण सभी परिवारों को समय पर पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा हैं।प्रशासन को इस गंभीर समस्या के प्रति जागरूकता दिखाते हुए जल्द समाधान का रास्ता निकालना चाहिए।

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