गुवा। टाटा स्टील फाउंडेशन नोवामुंडी कि ओर से स्वयं सहायता समूह कि महिलाओं का तीन दिवसीय गैर आवासीय नेतृत्व क्षमता वृद्धि का प्रशिक्षण आज तीसरे दिन गुरुवार को समापन हुआ। यह महिलाओं का तीन दिवसीय गैर आवासीय नेतृत्व क्षमता वृद्धि प्रशिक्षण के समापन पर महिलाओं को प्रशिक्षण के पहले दिन टीएसएफ के मूल्य समाज में महिलाओं पर किस तरह के बंधन है उसकी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दूसरे दिन मानव संसाधन कितने हैं और महिलाओं में मतभेद का कारण क्या है इसकी जानकारी दी गई। साथ ही इस को सरल बनाने के लिए उच्चारण कर नाटक के माध्यम से महिलाओं को समझाने का प्रयास किया किया। पहले महिला समिति की ओर से महिलाओं की स्थिति एवं आज की स्थिति के बारे में समझाया गया।
आज की स्थिति में महिलाओं को बेहतर कैसे बनाया जाए उसकी जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं के जीवन की बदलाव कैसे ला सकती है उसकी स्थिति की जानकारी दी। टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सशक्त बनाने का तथा विकास का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही इस प्रशिक्षण के माध्यम से जेंडर की समझ को समझाया गया। महिला पुरुष में भेदभाव यह कहीं ना कहीं महिलाओं को विकसित करने में बहुत बड़ी बाधा है। इस भेदभाव को दूर करने के लिए सबसे पहले महिलाओं को योग्य एवं सुदृढ़ बनाने का प्रयास किया गया। जिससे महिला आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनें।
साथ ही एक निडर लीडर की तरह अपना जीवन जी सके। अच्छे लीडर बनने के लिए किन किन गुणों को अपनाना है उसकी जानकारी दी गई। साथ ही पंचायत में, समाज समुदाय में, बाल विवाह नहीं करने के लिए घर के मुखिया की भूमिका को निभाते हुए गांव की मुखिया एवं प्रशासन से कैसे सहयोग मिलता है नाटक के माध्यम से महिलाओं को समझाया गया। साथ ही गांव में फैली कुरीतियों जैसे बाल विवाह, डायन कुप्रथा, बाल श्रम बच्चों को स्कूल भेजना आदि की जानकारी दी गई तथा अंधविश्वास को कैसे दूर किया जाए उसकी जानकारी दी गई।
इस प्रशिक्षण में कुल 47 महिलाओं ने भागीदारी दिखाई। यह प्रशिक्षण गुवा के नुईया गांव में को-ऑर्डिनेटर गीता बहादुर की सहायता से आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण को सुदृढ़ रूप से सफल बनाने हेतु टाटा स्टील फाउंडेशन कि तरफ से यूनिट लीड तुलसीदास गणवीर,सीएसआर प्रबंधक चंदन मिश्रा एवं फील्ड समन्वयक हरि का सहारनीय योगदान रहा। इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षक के रूप में स्वयं सहयता समूह से जुड़ी ममता देवी एवं रीना देवी महिलाओं का नेतृत्व कर रही थी। टाटा स्टील फाउंडेशन की एक नई पहल है, ताकि समूह की महिलाएं अपने जीवन में आगे बढ़े और समूह को और मजबूत कर महिलाओं को एक नई राह दिखाएं।

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