बैठक में कहा गया कि सारंडा में संचालित मनरेगा योजनाओं में भारी लूट व भ्रष्टाचार व्याप्त है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होने से चौंकाने वाला भ्रष्टाचार सामने आयेगा। मनरेगा योजनाओं में मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी व पर्याप्त रोजगार तक नहीं मिल रहा है। सारंडा स्थित मनोहरपुर प्रखंड के 6 पंचायतों के 56 गांवों में पीएम आवास योजना तक का लाभ गरीब ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। इंदिरा आवास भी आवंटित नहीं हो रही है। खदानों से दर्जनों गांव प्रभावित होने के बावजूद यहां के शिक्षित बेरोजगारों को आसपास के खदानों में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी व सप्लाई मजदूर में भी खदान प्रबंधन विशेष प्राथमिक नहीं दे रही है।
इन सब समस्याओं का समाधान के लिए जन प्रतिनिधि व सरकार भी मौन है। सारंडा की जनता आगामी चुनाव में मुर्गा, शराब व हड़िया के बजाय जनप्रतिनिधियों के विकास कार्यों व जनता से सम्पर्क का आंकलन कर ही वोट देगी। बैठक में उप मुखिया रमेश हांसदा, मुंडा विनोद बारिक, सुशेन गोप, मुंडा चिंतामणी चाम्पिया, मुंडा जामदेव चाम्पिया, मुंडा पिरती सुरीन, राजेश सांडिल, बामिया माझी, गोमा चाम्पिया, गुरा मुर्मू, सोनाराम माझी आदि दर्जनों महिला व पुरुष उपस्थित थे।

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