Jamshedpur (Nagendra) यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर द्वारा अपने प्रमुख दो दिवसीय सम्मेलन Innovest (Innovations in Engineering for Sustainable Transformations) 2026 का सफलतापूर्वक उद्घाटन 3 अप्रैल 2026 को किया गया। यह सम्मेलन यांत्रिक अभियांत्रिकी के क्षेत्र में नवाचार एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उद्घाटन सत्र में शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जिससे एक गतिशील एवं बौद्धिक रूप से समृद्ध वातावरण निर्मित हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. टी. एन. सिंह, निदेशक, आईआईटी पटना उपस्थित रहे। अपने मुख्य वक्तव्य में उन्होंने अंतःविषयक अनुसंधान के बढ़ते महत्व पर जोर दिया तथा प्रतिभागियों को सतत एवं उद्योगोन्मुख नवाचारों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी बताया कि अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग तकनीकी प्रगति को तीव्र गति दे सकता है और वास्तविक समस्याओं के समाधान में सहायक हो सकता है।
यह सम्मेलन मुख्य संरक्षक प्रो. गौतम सुत्रधार, निदेशक, एनआईटी जमशेदपुर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए इस प्रकार के बड़े आयोजन की सफलता पर संतोष व्यक्त किया तथा अभियांत्रिकी शिक्षा में निरंतर नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को सक्रिय रूप से विचार-विमर्श में भाग लेने और इस मंच का पूर्ण लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
प्रो. गौतम सुत्रधार, निदेशक, एनआईटी जमशेदपुर ने अपने वक्तव्य में संस्थान की भावी दृष्टि साझा करते हुए अनुसंधान उत्कृष्टता, वैश्विक सहयोग तथा नवाचार-आधारित शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि Innovest 2026 जैसे मंच संस्थान के शैक्षणिक परिवेश को सुदृढ़ बनाने एवं उसे अग्रणी तकनीकी institutions की श्रेणी में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उप-निदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा ने अपने संबोधन में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान एवं शैक्षणिक अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन न केवल उभरती तकनीकों से परिचित कराते हैं, बल्कि विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों की शोध क्षमता को भी विकसित करते हैं। उन्होंने युवा शोधकर्ताओं को अपने कार्य में मौलिकता एवं नैतिकता बनाए रखने की सलाह दी।
डीन (शैक्षणिक) प्रो. एम. के. सिन्हा ने अपने वक्तव्य में नवाचार-आधारित शिक्षा एवं बहु-विषयक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने शोध के व्यावहारिक अनुप्रयोगों की खोज करने तथा वास्तविक इंजीनियरिंग समस्याओं के समाधान में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने Innovest 2026 के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन संस्थान में शोध संस्कृति को सुदृढ़ करते हैं। कुलसचिव प्रो. सरोज कुमार सारंगी ने अपने संबोधन में सफल शैक्षणिक आयोजनों के लिए मजबूत संस्थागत सहयोग के महत्व को रेखांकित किया तथा आयोजन समिति की सुव्यवस्थित योजना एवं सफल क्रियान्वयन की सराहना की।
यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग के अध्यक्ष, डॉ. परमानंद कुमार ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि Innovest 2026 का उद्देश्य शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं उद्योग विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहाँ वे विचारों का आदान-प्रदान कर सकें तथा उभरते क्षेत्रों में नवीन शोध प्रस्तुत कर सकें। सम्मेलन का कुशल समन्वय आयोजन सचिवों—डॉ. रिंकू के.आर. गौड़ा, डॉ. शैलेश कुमार झा, डॉ. अरविंद पटेल, डॉ. अभिषेक कुमार एवं डॉ. श्री कृष्ण सुधांशु कंभामेट्टू—द्वारा किया गया, जिनके समर्पित प्रयासों से आयोजन की सफल योजना एवं क्रियान्वयन संभव हो सका। उद्घाटन सत्र में संस्थान के विभिन्न डीन, संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। लगभग 35 प्रतिभागियों ने ऑफलाइन तथा लगभग 115 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया, जिससे व्यापक सहभागिता एवं ज्ञान-विनिमय सुनिश्चित हुआ।
सम्मेलन को अत्यंत उत्साहजनक प्रतिसाद प्राप्त हुआ, जिसमें 300 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त हुए। कठोर समीक्षात्मक प्रक्रिया के पश्चात 170 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुति हेतु चयनित किए गए, जो प्रस्तुतियों की उच्च गुणवत्ता को दर्शाता है। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ उद्घाटन सत्र का समापन हुआ, जिसमें सभी गणमान्य अतिथियों, आयोजकों एवं प्रतिभागियों के योगदान को सराहा गया। Innovest 2026 यांत्रिक अभियांत्रिकी के क्षेत्र में नवाचार, सहयोग एवं अनुसंधान उत्कृष्टता को बढ़ावा देने हेतु एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा। यह दो दिवसीय सम्मेलन 3 एवं 4 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जा रहा है।

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